Monday, September 7, 2009

Thursday, September 3, 2009

भाभी

मेरी भाभी 


मनु ओ मनु, प्यार से पुकारती थी
है वो मेरी भाभी पर माँ जैसी

माँ ने तो जनम दिया है,
भाभी ने गोद खिलाया है
उगली पकरकर चलना सिखाया है
है वो मेरी भाभी पर माँ जैसी

मेरे रूठने पर लाख मनाया है
मेरे रोने पर सीनेसे लगाया है
है वो मेरी भाभी पर माँ जैसी


मायके न जाती अकेले
साथ मुझे ले जाती
भाभी के मम्मी को
नानी कहकर पुकारा है
है वो मेरी भाभी पर माँ जैसी

भाभी ही मेरी पूजा
भाभी ही मेरी आराधना
तुम्ही हो माता तुम्ही हो पिता
कहकर पुकारा है
है वो मेरी भाभी पर माँ जैसी

समां बदल गया,
वक्त गुजर गया
बदल गए सब रिश्ते
याद अब भी करता हूँ
कहा है मेरी भाभी,
जो कभी थी माँ जैसी

Tuesday, May 12, 2009

माँ

कैसे भुला दु माँ तुजे,

तुने जनम दिया है मुझे

तेरी गोद में खेला है बचपन

हर साँस दी है तुने मुझे

कैसे भुला दु माँ तुजे

लगी जब ठोकर मुझे

दर्द हुआ है तब तुजे

कैसे भुला दु माँ तुजे

मेरी नीद में गवई राते तुने

मेरी एक हसी पर जान लुटाई तुने

कैसे भुला दु माँ तुजे

है वोः खुशनसीब जिनके साथ है माँ

मे बदनसीब दूंदता तुजे हर नगर में माँ

कैसे भुला दु माँ तुजे

जन्म दत्ता है प्रभु जननी है माँ

रब से पहेले नमन है तुझको माँ

कैसे भुलादू माँ तुजे

Tuesday, December 16, 2008

माफ़ी

माफ़ करना हमको
दिल दुखाया है आपका
करनेकी थी जो बात
वोः बात कर दी तुमसे
माफ़ करना हमको


चाही खुशी अपनी
बस दिल बहलाना था आपका
दिल बहलाने के चकर में
गुस्ताखी हो गई हमसे
माफ़ करना हमको

था ग़लत इरादा
थी कोई ऐसी बात
भोलेपन में करदी
आपसे बात
माफ़ करना हमको

खता हुई है हमसे
अब करेगे ऐसी बात
सदा खुश रहो आप
फिर करेगे आप से बात
माफ़ करना हमको

Sunday, November 23, 2008

कैसे भुला दू

छोड़ दुगा वोह गलिया
जहा साथ चले थे हम
छोड़ दुगा वोह हर शिह
जो याद तेरी दिलाती है
पर कहा छोडू इस दिल को
जिसमे याद तेरी रहेती है

कैसे भुला दु देखकर
मुझे तेरा मुस्कराना

kabhi अंचल में सिमटना
कभी पलके झुकाना
भुला दु यह हो नही सकता
अगर होता तो मै ही नही होता

आ जाए अगर यकीन मुझे
भुला पाओगे तुम भी मुझे
कसम है तुम्हारी चिर के
दिल निकालूँगा मेरा
जो लेता है हरदम नाम तेरा

राम नाम के साथ
निकलेगा जनाजा मेरा
जल जायेगी चिता जब मेरी
राख में मिलजायेगा जिस्म मेरा
उड़ उड़ के राख पुकारेगी नाम तेरा
कहेता है मनु
जनम जनम का नाता है हमारा
कभी लैला मजनू थे नाम हमारे
कभी हीर राझा थे नाम हमारे
हर जनम में बदला है रूप
पर दिल तो है एक है हमारे

Friday, September 5, 2008

judai


तेरे प्यार में मुझे क्या मिला
कैसे कहू के क्या मिला
कभी दिल का दर्द हज़ार मिला
कभी आसू बेशुमार मिला
तेरे प्यार में मुझे क्या मिला ॥
तेरे लिए मेने दुनिया छोड़ी
तू मुझे छोड़ चला गया
दर दर batkti हु तेरे लिए
तू मेरा धर छोड़ चला
खता थी क्या मेरी बता
कुछ तो बता की क्या हुआ
तेरे प्यार में मुझे क्या मिला
कैसे कहू की क्या मिला
वफ़ा तो मैंने की तुजसे,
तुने की है बेवफाई
दिल मैंने तुजसे लगाया था 
तुने की है दिल्लगी
इस दिल का अब मै क्या करू
कुछ तो बता की क्या करू
तेरे प्यार में मुझे क्या मिला
कैसे कहू की क्या मिला
तेरे प्यार में

Sunday, August 31, 2008

हिन्दी दिवस

आज हिन्दी दिवस है
आज बोलेगे लिंखेगे हिन्दी

भाषण देते है अंग्रेजी में
कहते है हम हिन्दुस्तानी
बोले जो हिन्दी
वो कैसे हिन्दुस्तानी

सबी भाषायें है नियारी
तमिल तेलगु या हो मराठी
हमको लगे प्यारी
पर एक सुर में जो मिलाती है
हिन्दी वोः हिंदी भाषा है न्यारी

कागज़ पर अपनाओ हिन्दी को
कागज़ तो फट / कट जाते है
राष्ट्र भाषा का दरजा दिया है
मन से अपनाओ हिन्दी को

दिखादो दुनियावालो को
एक दागे में बन्दे है हम
हिन्दी हमारी भाषा है
जय हिंद हमारा नारा है